Fertility Is a Shared Journey (Hindi Version)

  • Home
  • /
  • Fertility Is a Shared Journey (Hindi Version)

Fertility Is a Shared Journey (Hindi Version)

  06 June 2026
Fertility Is a Shared Journey (Hindi Version)

प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं: क्यों पुरुष और महिला दोनों की जांच जरूरी है?

माता-पिता बनने का सपना दोनों का है, इसलिए जांच भी दोनों की होनी चाहिए

जब किसी दंपत्ति को गर्भधारण करने में कठिनाई होती है, तो अक्सर समाज में सबसे पहले महिला को जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान यह स्पष्ट रूप से बताता है कि बांझपन (Infertility) केवल महिला की समस्या नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी दोनों से जुड़ा विषय है।

सफल गर्भधारण के लिए पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता (Fertility) का स्वस्थ होना आवश्यक है। इसलिए यदि गर्भधारण में देरी हो रही है, तो केवल महिला ही नहीं बल्कि पुरुष की भी जांच उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

शुभम केयर हॉस्पिटल, जयपुर में डॉ. शैलेश जैन (MBBS, DGO, DNB, 3D Laparoscopic Surgeon) के मार्गदर्शन में दंपत्तियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक फर्टिलिटी मूल्यांकन और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।


फर्टिलिटी क्या है?

फर्टिलिटी का अर्थ है किसी दंपत्ति की प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने की क्षमता।

एक सफल गर्भधारण के लिए निम्नलिखित चीजों का सामान्य होना आवश्यक है:

महिला में

  • नियमित ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन)

  • स्वस्थ अंडाशय (Ovaries)

  • खुली हुई फैलोपियन ट्यूब्स

  • स्वस्थ गर्भाशय

  • संतुलित हार्मोन

पुरुष में

  • पर्याप्त शुक्राणु संख्या (Sperm Count)

  • शुक्राणुओं की अच्छी गति (Motility)

  • सामान्य शुक्राणु संरचना (Morphology)

  • स्वस्थ हार्मोन स्तर

  • सामान्य प्रजनन क्षमता

इनमें से किसी भी कारक में समस्या होने पर गर्भधारण में कठिनाई आ सकती है।


कब फर्टिलिटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए?

यदि महिला की आयु 35 वर्ष से कम है

यदि एक वर्ष तक नियमित और असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

यदि महिला की आयु 35 वर्ष या उससे अधिक है

यदि 6 महीने तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।


पति और पत्नी दोनों का साथ में परामर्श लेना क्यों जरूरी है?

फर्टिलिटी की जांच केवल महिला तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

जब दोनों पार्टनर एक साथ डॉक्टर से मिलते हैं, तो:

  • समस्या का सही कारण जल्दी पता चलता है।

  • अनावश्यक जांचों से बचा जा सकता है।

  • समय और खर्च दोनों की बचत होती है।

  • उपचार की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

  • पुरुष और महिला दोनों से जुड़े कारणों का मूल्यांकन एक साथ हो जाता है।

इसीलिए शुभम केयर हॉस्पिटल में फर्टिलिटी मूल्यांकन हमेशा दंपत्ति को ध्यान में रखकर किया जाता है।


महिलाओं में बांझपन के सामान्य कारण

1. पीसीओएस (PCOS)

पीसीओएस महिलाओं में बांझपन का सबसे आम कारणों में से एक है।

इसके लक्षण हैं:

  • अनियमित मासिक धर्म

  • वजन बढ़ना

  • चेहरे पर अधिक बाल

  • मुंहासे

  • ओव्यूलेशन में समस्या


2. एंडोमेट्रियोसिस

इस स्थिति में गर्भाशय की परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती हैं।

इसके कारण:

  • अत्यधिक दर्दयुक्त माहवारी

  • पेल्विक दर्द

  • गर्भधारण में कठिनाई


3. फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉक होना

यदि ट्यूब बंद हो जाए तो अंडाणु और शुक्राणु का मिलन नहीं हो पाता।


4. फाइब्रॉइड्स और एडेनोमायोसिस

ये गर्भाशय की ऐसी समस्याएं हैं जो गर्भधारण और भ्रूण के प्रत्यारोपण को प्रभावित कर सकती हैं।


5. हार्मोनल असंतुलन

  • थायरॉइड की समस्या

  • प्रोलैक्टिन बढ़ना

  • ओवरी की कार्यक्षमता में कमी

इन कारणों से भी गर्भधारण प्रभावित हो सकता है।


पुरुषों में बांझपन के सामान्य कारण

बहुत से लोगों को यह जानकर आश्चर्य होता है कि लगभग आधे मामलों में समस्या पुरुष पक्ष से भी हो सकती है।

1. शुक्राणुओं की संख्या कम होना

कम स्पर्म काउंट गर्भधारण की संभावना को कम कर देता है।


2. शुक्राणुओं की गति कम होना

यदि शुक्राणु सही तरीके से आगे नहीं बढ़ पाते तो वे अंडाणु तक नहीं पहुंच पाते।


3. शुक्राणुओं की संरचना में असामान्यता

असामान्य आकार वाले शुक्राणु निषेचन में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।


4. वैरिकोसील (Varicocele)

अंडकोष के आसपास की नसों का बढ़ जाना शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।


5. जीवनशैली से जुड़े कारण

  • धूम्रपान

  • शराब का सेवन

  • मोटापा

  • तनाव

  • अपर्याप्त नींद

  • प्रदूषण और रसायनों का प्रभाव


महिलाओं की फर्टिलिटी जांच

फर्टिलिटी मूल्यांकन में निम्न जांचें शामिल हो सकती हैं:

हार्मोनल जांच

  • AMH

  • FSH

  • LH

  • थायरॉइड प्रोफाइल

  • प्रोलैक्टिन

अल्ट्रासाउंड जांच

  • ओवेरियन रिजर्व

  • फॉलिकल मॉनिटरिंग

  • गर्भाशय का मूल्यांकन

ट्यूब जांच

  • HSG

  • SSG

  • आवश्यकता अनुसार लैप्रोस्कोपी


पुरुषों की फर्टिलिटी जांच

सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis)

यह पुरुषों की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक जांच है।

इसमें देखा जाता है:

  • स्पर्म काउंट

  • स्पर्म मोटिलिटी

  • स्पर्म मॉर्फोलॉजी

  • सीमेन की गुणवत्ता


आधुनिक फर्टिलिटी उपचार

समस्या के कारण के अनुसार उपचार किया जाता है।

जीवनशैली में सुधार

  • स्वस्थ आहार

  • नियमित व्यायाम

  • वजन नियंत्रण

  • तनाव प्रबंधन

कई मामलों में फर्टिलिटी को बेहतर बना सकते हैं।

ओव्यूलेशन इंडक्शन

अनियमित ओव्यूलेशन वाली महिलाओं में दवाओं द्वारा अंडोत्सर्जन करवाया जाता है।

आईयूआई (IUI)

इस प्रक्रिया में तैयार किए गए शुक्राणुओं को सीधे गर्भाशय में डाला जाता है।

एडवांस्ड 3D लैप्रोस्कोपिक सर्जरी

एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स, एडेनोमायोसिस और अन्य जटिल समस्याओं के लिए उन्नत लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

डॉ. शैलेश जैन द्वारा 3D लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ऐसी जटिल समस्याओं का उपचार किया जाता है जिससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

आईवीएफ (IVF)

कुछ दंपत्तियों को आईवीएफ या अन्य सहायक प्रजनन तकनीकों की आवश्यकता हो सकती है।


बांझपन केवल शारीरिक नहीं, भावनात्मक चुनौती भी है

बांझपन का प्रभाव केवल शरीर पर नहीं पड़ता, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

कई दंपत्ति अनुभव करते हैं:

  • तनाव

  • चिंता

  • अवसाद

  • सामाजिक दबाव

  • रिश्तों में तनाव

इसलिए सही चिकित्सा के साथ भावनात्मक सहयोग भी बहुत महत्वपूर्ण है।


शुभम केयर हॉस्पिटल क्यों चुनें?

शुभम केयर हॉस्पिटल, जयपुर में हम दंपत्तियों को संपूर्ण फर्टिलिटी मूल्यांकन और उपचार प्रदान करते हैं।

हमारी विशेष सेवाएं:

  • कपल फर्टिलिटी काउंसलिंग

  • महिला बांझपन उपचार

  • पुरुष बांझपन मूल्यांकन

  • पीसीओएस प्रबंधन

  • एंडोमेट्रियोसिस उपचार

  • एडवांस्ड 3D लैप्रोस्कोपिक सर्जरी

  • गर्भधारण योजना परामर्श

विशेषज्ञ चिकित्सक

डॉ. शैलेश जैन
MBBS, DGO, DNB
3D Laparoscopic Surgeon


निष्कर्ष

बांझपन न तो केवल महिला की समस्या है और न ही केवल पुरुष की। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पति और पत्नी दोनों की भूमिका होती है। इसलिए यदि गर्भधारण में कठिनाई हो रही है, तो दोनों पार्टनर्स को एक साथ विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

याद रखें—

"माता-पिता बनने का सपना दोनों का होता है, इसलिए जांच और उपचार भी दोनों का होना चाहिए।"

Together We Evaluate. Together We Treat. Together We Achieve Parenthood.